महाभारत किसने लिखी थी, महाभारत किसने लिखी है, जानें – Mahabharat Kisne Likhi Hai

Mahabharat Kisne Likhi Hai Thi: महाभारत के बारे में तो आपने सुना ही होगा, महाभारत हिंदू धर्म के सबसे पवित्र ग्रंथो में से एक है।

महाभारत की कथा तो हम सभी जानते हैं। यह अब तक का सबसे बड़ा युद्ध माना जाता है, जिसमें कई योद्धाओं ने हिस्सा लिया था। यह युद्ध कुरूक्षेत्र के मैदान में लड़ा गया था और इसका वर्णन पौराणिक कथाओं में मिलता है।

लेकिन क्या आप जानते हैं महाभारत किसने लिखी है, महाभारत किसने लिखी थी, अगर नहीं तो आज के इस को लेख को पूरा पढ़े, क्योंकि आज के इस लेख में हम आपको इसके बारे में जानकारी देने वाले है, तो आइये जानते है –

महाभारत किसने लिखी है, जानें (Mahabharat Kisne Likhi Hai)

महाभारत के रचयिता महर्षि वेदव्यास जी है, महर्षि वेदव्यास जी ने महाभारत की रचना की थी, लेकिन महर्षि वेदव्यास जी ने महाभारत की कथा सिर्फ बोली थी, जबकि महाभारत की लेखनी यानी लिखने का कार्य महादेव और पार्वती पुत्र गणपति गजानंद ने किया था।

धार्मिक कथा के अनुसार जिस समय महर्षि वेदव्यास महाभारत नामक महाकाव्य की रचना करने वाले थे, उस समय वे एक ऐसे लेखक की खोज में थे जो उनके विचारों में विघ्न न डाले और निरंतर लिखता रहे।

इसी क्रम में महर्षि वेदव्यास को याद आया कि गणपति विद्या और लेखन के स्वामी हैं। शास्त्रों में भी दुःखहर्ता गणपति की लेखन शक्ति अद्वितीय मानी गई है। इसी क्रम में महर्षि वेदव्यास ने भगवान गणेश से अपने महाकाव्य का लेखक बनने का आग्रह किया। महर्षि वेदव्यास की बातें सुनकर गणपति जी तैयार हो गए लेकिन उन्होंने एक शर्त रखी।

गणेश जी ने महर्षि वेद व्यास से कहा कि वे महाभारत के लेखक बनेंगे, लेकिन महर्षि वेद व्यास कथा सुनाने में एक क्षण के लिए भी विश्राम नहीं लेंगे। यदि महर्षि कथावाचन में एक क्षण भी विश्राम कर लें तो गणेश जी लिखना बंद कर देंगे। साथ ही यह भी कहा कि उन्हें लिखवाने से पहले प्रत्येक पंक्ति का अर्थ महर्षि को समझाना होगा।

गणेश जी की शर्त मानने के बाद महर्षि वेदव्यास आमने-सामने बैठ गए और बहुत तेजी से बोलने लगे और उसी गति से भगवान गणेश ने महाकाव्य लिख दिया।

कहा जाता है कि महाभारत लिखने का काम तीन साल में पूरा हुआ था। इन तीन वर्षों में भगवान गणेश ने एक बार भी महर्षि वेदव्यास को एक क्षण के लिए भी नहीं रोका और महाकाव्य लिखने का कार्य पूरा किया।

वेदव्यास कौन थे (Vedvyas Kaun The In Hindi)

महाभारत के रचयिता वेद व्यास का पूरा नाम कृष्ण द्वैपायन व्यास (Krishna Dwaipayana Vyasa) था, वेद व्यास जी ऋषि पराशर और देवी सत्यवती की संतान थे।

महाभारत की रचना करने वाले महर्षि वेद व्यास को विभिन्न स्थानों पर व्यास के नाम से भी जाना जाता है। वह भारत के सबसे पुराने संतों में से एक थे।

भगवान विष्णु जी के आशीर्वाद से वेद व्यास ने विष्णु पुराण की रचना की, जिसके बाद उन्होंने कई वेद और पुराणों की रचना की, जिन्हें समझना बहुत कठिन था। इसीलिए उन्होंने इसे अलग-अलग हिस्सों में बांटकर 4 वेद और 18 पुराण बनाए, जिसके बाद उन्हें वेद विभाजन कर्ता का नाम भी मिला।

वेद व्यास को सबसे प्राचीन ऋषि मुनि के रूप में जाना जाता है। लेकिन अगर हम कुछ ग्रंथों की बात करें तो हिंदू धर्म के अनुसार वेदव्यास पांडवों और कौरवों के दादा हुआ करते थे।

यानि कई हजार साल पहले वेदव्यास नाम के एक ऋषि थे, जिन्होंने विभिन्न प्रकार के वेदों की रचना की, जिन्हें पढ़कर मनुष्य अपनी सभ्यता को और अधिक सभ्य बना सका।

उस समय उनके 4 पुत्र थे पांडु, धृतराष्ट्र, विदुर और सुखदेव। बाद में पांडु पुत्र पांडवों और धृतराष्ट्र के पुत्र कौरवों के बीच महाभारत का युद्ध हुआ, जिसके बारे में हम सभी जानते हैं।

FAQs

महाभारत किसने लिखी?
महाभारत के रचयिता महर्षि वेदव्यास जी है।

महाभारत के असली लेखक कौन है?
महाभारत के असली लेखक महर्षि वेदव्यास जी है।

गणेश ने कौन सी पुस्तक लिखी थी?
गणेश जी महाभारत लिखी थी।

गणेश जी ने क्या लिखा था?
गणेश जी महाभारत लिखा था।

महाभारत किस भाषा में लिखा गया था?
महाभारत संस्कृत भाषा में लिखा गया था।

लेख के बारे में

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