2030 तक इन राशियों पर रहेगी शनि की टेढ़ी नजर

 29 अप्रैल 2022 को शनि देव स्वराशि मकर से निकलकर कुंभ राशि में प्रवेश किया था। उसके बाद शनि देव पुनः जुलाई में राशि परिवर्तन करते हुए मकर राशि में वापस आ गए थे और अब अगले साल यानी 2023 में 17 जनवरी को पुनः कुंभ राशि में प्रवेश करेंगे। 

यहां पर शनि 29 अप्रैल 2025 तक विराजमान रहेंगे। आर्थात शनि देव करीब 26 माह तक कुंभ राशि में संचरण करेंगे इस दौरान इन 3 राशियों के लोगों को बहुत सावधान रहना होगा

कुंभ राशि - ज्योतिष के मुताबिक, 29 अप्रैल 2022 को शनि देव कुंभ राशि में प्रवेश किये थे। उसके बाद वे 5 जून 2022 को वक्री हुए। इसके बाद 12 जुलाई को शनि देव कुंभ से निकलकर मकर राशि में प्रवेश किये। 

अब नए साल में 17 जनवरी 2023 को पुनः कुंभ राशि में प्रवेश करेंगे। 

शनि के कुंभ राशि में होने से कुंभ राशि पर शनि की साढ़ेसाती का दूसरा चरण चल रहा है। कुंभ राशि वालों को 23 फरवरी 2028 को शनि की साढ़ेसाती से मुक्ति मिलेगी।

मकर राशि - ज्योतिष के अनुसार मकर राशि वालों पर शनि की साढ़ेसाती 26 जनवरी 2017 को शुरू हुई थी। 

इन लोगों पर शनि की साढ़ेसाती का प्रकोप 29 मार्च 2025 तक रहेगी। मौजूदा समय में इन लोगों पर शनि की साढ़ेसाती का दूसरा चरण चल रहा है। 

मीन राशि - शनि देव जब 29 अप्रैल 2022 को कुंभ राशि में गोचर किये थे तो उस समय मीन राशि पर साढ़ेसाती शुरू हुई थी, लेकिन शनि जब मकर राशि में प्रवेश कर गए थे तो मीन राशि से साढ़ेसाती हट गई थी। 

शनि जब फिर अगले साल 17 जनवरी 2023 को कुंभ राशि में गोचर करेंगे तो मीन पर साढ़ेसाती का प्रकोप शुरू हो जाएगा। 

मीन राशि के लोगों पर शनि की साढ़ेसाती 17 अप्रैल 2030 तक रहेगी। ऐसे में इन तीन राशियों के लोगों को इस दौरान फूंक-फूंक कर कदम रखना होगा।