ये 5 तरह के लोग सामने वाले को क्यों समझ बैठते हैं अपना दुश्मन

किसी एक व्यक्ति के बुराइयों का असर सामने वाले पर पड़ना स्वभाविक है

अपनी नीतियों में चाणक्य कहते हैं कि पति या पत्नी में से किसी एक के द्वारा किए गए गलत काम से दोनों प्रभावित होते हैं और इन गलत कामों का नतीजा दोनों को बराबर भुगतना पड़ सकता है।

धन का लालच करने वाले लोगों को भी धन मांगने वाला दुश्मन नजर आता है। 

दरअसल, ऐसे व्यक्ति धन से अत्यधिक मोह रखते हैं और जीवन में सबसे ज्यादा प्रेम भी धन से ही करते हैं।  वहीं, अगर कोई उनसे धन मांगता है, तो वो उसे अपना दुश्मन समझ बैठते हैं। 

मूर्ख व्यक्ति को उपदेश देने वाला सबसे बड़ा दुश्मन लगता है , चाणक्य नीति की मानें तो उपदेश हमेशा ज्ञानी व्यक्ति ही देता है। 

 मगर, ज्ञान की बातें समझना मूर्खों के बस की बात नहीं होती है।  ऐसे में मूर्ख व्यक्ति अक्सर ज्ञान की बातें करने वालों को अपना शत्रु मान लेते हैं। 

आमतौर पर जो लोग खुद गलत होते हैं।  उन लोगों को अच्छा व्यक्ति हमेशा अपना दुश्मन नजर आता है।  गलत करने वाले लोग अक्सर अच्छे लोगों को शक की नज़र से देखते हैं और सामने वाले अच्छे व्यक्ति को भी गलत साबित करने की कोशिश करते हैं। 

अगर पति या पत्नी शक करने वाले हों, तो अमूमन वो एक-दूसरे को शक की नज़र से देखने लगते हैं।  वहीं, समझाने या रोक-टोक करने पर एक-दूसरे को ही अपना सबसे बड़ा दुश्मन भी मान लेते हैं।