Domain Name System  In Hindi

DNS एक इंटरनेट सेवा है जो डोमेन नामों को IP एड्रेस में परिवर्तित करती है।

डोमेन नेम सिस्टम (डीएनएस) सेवा का उपयोग इसलिए किया जाता है ताकि व्यक्ति आसानी से डोमेन नाम (जैसे-Xyz.com) को याद रख सके। जबकि इंटरनेट IP एड्रेस पर आधारित होता है।

DNS सर्वर के माध्यम से हम अपनी इच्छा के अनुसार ब्राउज़र में किसी भी वेबसाइट का नाम टाइप करके उस वेबसाइट से जुड़ सकते हैं।

इसके लिए हमें आईपी एड्रेस टाइप करने की आवश्यकता नहीं होती है (जैसे की -120.23.149.69)।

यदि एक DNS सर्वर डोमेन नाम का ट्रांसलेट करने में असमर्थ है, तो यह दूसरे DNS सर्वर से डोमेन नाम का ट्रांसलेट करने के लिए कहता है। 

और यह प्रक्रिया तब तक जारी रहती है जब तक कि डोमेन नाम का ट्रांसलेट नहीं हो जाता।

डीएनएस को 1983 में पॉल मोकापेट्रिस और जॉन पोस्टेल द्वारा प्रस्तावित किया गया था। डीएनएस को अच्छी तरह समझने के लिए हमें डोमेन नेम और आईपी एड्रेस को भी समझना होगा।