बुरे समय में क्या करना चाहिए

बुरा समय आने पर इंसान भयभीत हो जाता है, घबराने लगता है। इसलिए घबराएं नहीं बल्कि शांत और स्थिर मन से उस समस्या की वजह ढूंढे। 

और फिर उसका समाधान ढूंढने की कोशिश करें। क्योंकि समस्या का कारण जाने बिना आप समाधान नहीं ढूंढ सकते है।

जब तक हमारे जीवन में कोई कठिनाइ और मुसीबतें  नहीं आती तब तक हम आराम से जीवन जीते हैं।

लेकिन मुसीबतें और बुरा समय आने के बाद ही हम संघर्ष करते हैं और जीवन में आगे बढ़ पाते हैं। इसलिए संयम और आत्मविश्वास से काम लें।

चाणक्य बताते हैं कि परिस्थिति और परिणाम कभी भी इंसान के हाथ में नहीं होता। लेकिन उस परिस्थिति और परिणाम पर कैसी प्रतिक्रिया देनी है वो शत प्रतिशत इंसानों के हाथ में है। 

इसलिए जो इंसान अपनी प्रतिक्रिया संभाल सकता है वो जीवन के विकट से विकट परिस्थिति में भी अपनी सफलता का रास्ता ढूंढ सकता है।

चाणक्य कहते है कि अच्छा और बुरा समय एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। इसलिए बुरे समय में भी जीवन को बेहतर बनाने के अवसर तलाशे।

बुरा समय देख कर हिम्मत न हारें और उस परिस्थिति से बाहर निकलने की लगातार कोशिश करते रहें।

लाइफ में कई बार हम बिना सही जानकारी और अनुभव  के जीवन के रणभूमि में उतर जाते हैं। चाणक्य कहते हैं कि किसी भी रणभूमि में कदम रखने से पहले सभी युद्ध नीति की सही और पूरी जानकारी हासिल कर लें वरना दुश्मन एक वार में आपको हरा सकता है।