जिंदगी से ऐसे लोगों को कर दें दूर, भरोसा करने होता है पछतावा

आचार्य चाणक्य ने अपनी नीति में इंसान के जीवन को लेकर कई सारी बातें कही हैं। उनका कहना है 

चोर - आचार्य चाणक्य कहते हैं कि चोर को बस इस बात से मतलब होता है कि किसके घर में क्या सामान और धन है। 

उसको इस बात से जरा भी मतलब नहीं होता है कि चोरी से उस इंसान पर क्या असर पडे़गा।  ऐसे लोगों को किसी के दुख और दर्द से मतलब नहीं होता है। 

स्वार्थी - स्वार्थी लोग दूसरों के बारे में कम और हमेशा अपने बारे में ही सोचते हैं। 

किसी को जरूरत हो या मदद की दरकार हो, ये लोग कभी काम नहीं आते हैं। 

आचार्य चाणक्य का कहना है कि ऐसे लोगों से दूरी बनाकर रखें, क्योंकि ये लोग भरोसा करने लायक नहीं होते हैं। 

राजा, शासन या प्रशासन - पुराने जमाने में चाहे राजा हो या आधुनिक समय में शासन या प्रशासन. इनको किसी के दुख और दर्द से मतलब नहीं होता है। 

ये लोग  किसी की भावनाओं को नहीं समझ सकते हैं। हमेशा नियम और सबूत के आधार पर ही फैसला लेते हैं। 

चाणक्य नीति के अनुसार, ऐसे लोगों से दूरी बनाने में ही भलाई है।