इन 4 काम के बाद नहाना कभी न भूलें, नहीं तो पड़ेगा पछताना 

तेल मालिश के बाद न भूलें नहाना - तेल मालिश लगभग सभी को पसंद है। शरीर की थकान और लंबी यात्रा के बाद लोग शरीर का तेल से मसाज लेना पसंद करते और इससे आराम भी मिलता है।

आचार्य चाणक्य ने चाणक्य नीति में कहा है कि तेल मालिश के बाद स्नान जरूर करना चाहिए, क्योंकि तेल मालिश के बाद शरीर के छिद्रों से पसीना निकलता है और इससे रक्त का संचार बढ़ जाता है। 

ऐसे में नहाने से शरीर का तापमान और रक्त संचार दोनों ही जरूरत के हिसाब से रहते हैं। 

श्मशान घाट से लौटने पर स्नान जरूरी - हिन्दू धर्म में मौत के बाद शरीर का अंतिम संस्कार नदी के किनारे या घाट पर किया जाता है।

ऐसा इसलिए है क्यों कि मरने के बाद मृत शरीर के आस-पास तमाम तरह के कीटाणु पैदा होते हैं जो कि शवयात्रा में शामिल होने वालों के शरीर और कपड़ों पर चिपक जाते हैं। ये स्वास्थय पर बुरा असर डाल सकते हैं। 

इसलिए श्मशान से आने के बाद कपड़ा घर के बाहर की उतार देते हैं और नहाकर ही घर में प्रवेश करते हैं। 

शारीरिक संबंध के बाद स्नान जरूरी - चाणक्य नीति में यह भी कहा गया है कि शारीरिक संबंध बनाने के बाद नहाना बेहद जरूरी होता है। 

महिला या पुरुष जब भी शारीरिक संबंध बनाते हैं तो शरीर अशुद्ध हो जाता है. शारीरिक संबंध के बाद वक्त बिताए बिना स्नान करना चाहिए।

निरोगी काया के लिए शरीर का स्वच्छ होना जरूरी है। शारीरिक संबंध के बाद शरीर में संक्रमण भी फैल सकता है जिसके लिए नहाना बहुत जरूरी होता है। 

बाल कटवाने के बाद भी नहाना चाहिए - चाणक्य नीति में आचार्य चाणक्य ने कहा है कि बाल कटवाने के बाद नहाना जरूरी होता है। ऐसा नहीं करने से इंसान कई मुश्किल में फंस सकता है।

बाल कटवाने के बाद छोटे-छोटे बाल शरीर से चिपके रहते हैं। गलती से अगर से पेट के अंदर चले जाएं स्वास्थ्य से जुड़ी कई दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।  इतना ही नहीं इससे शरीर के अंदर खतरनाक संक्रमण भी फैल सकता है।