जीवनसाथी चुनते समय इन बातों का रखें ध्यान, वरना शादी के बाद हो सकता है बुरा हाल 

कहा जाता है कि धर्म-कर्म किसी भी व्यक्ति को एक सीमा में बांध कर रखते हैं। धार्मिक लोग कोई भी अनुचित कार्य नहीं करते हैं।

इसलिए अपने जीवनसाथी को चुनते समय ये जरूर देख लें कि वो धार्मिक है या नहीं।

धार्मिक स्वभाव वाला व्यक्ति न सिर्फ बेहतर जीवनसाथी साबित होगा, बल्कि ऐसा शख्स पूरे कुल को भी संस्कारवान बनाएगा।

जीवन में कई बार ऐसी परिस्थितियां आती हैं, जब व्यक्ति को बहुत धैर्य के साथ काम करने की जरूरत पड़ती है। ऐसे में अपने लिए जीवनसाथी चुनते समय ये जरूर देखें कि उसके अंदर धैर्य का गुण है या नहीं।

धैर्यवान व्यक्ति मुश्किल समय में भी आपको सही राह दिखाएगा, जिसकी वजह से आप तमाम चुनौतियों को उसके सहयोग की बदौलत आसानी से हल करने में सक्षम रहेंगे।

कभी भी किसी व्यक्ति को उसकी खूबसूरती या बाहरी बनावट को देखकर उसे तवज्जो नहीं देना चाहिए। इंसान शक्ल सूरत से नहीं बल्कि मन से खूबसूरत होना चाहिए। शारीरिक आकर्षण तो एक समय के बाद समाप्त हो जाता है। 

लेकिन आंतरिक खूबसूरती जीवन भर साथ रहती है। ऐसा जीवनसाथी आपके लिए तो अच्छा होता ही है, साथ ही आपके पूरे परिवार को भी एक सूत्र में बांधे रखने वाला होता है।

आपके लिए कौन सा जीवनसाथी बेहतर साबित हो सकता है, कौन विपत्ति में आपके साथ कंधे से कंधा मिलाकर साथ देने वाला होगा, ये आप से बेहतर कोई नहीं समझ सकता है। इसलिए जीवन साथी चुनते समय सोच समझ कर फैसला लें।

किसी के दबाव या इच्छा की खातिर कभी कोई फैसला न करें। आचार्य चाणक्य कहते हैं कि किसी के दबाव में विवाह करने का फैसला गलत साबित हो सकता है। इससे पति और पत्नी दोनों का जीवन प्रभावित होता है।