किसी को परखना है तो इन बातों का रखें ध्यान

आचार्य चाणक्य का कहना है कि घमंड और स्वार्थ में चूर इंसान से हम सभी को दूर रहना चाहिए। साथ ही ऐसे भाव अपने अंदर भी नहीं आने देने चाहिए। 

आचार्य कहते हैं कि जो व्यक्ति स्पष्ट होते हैं, भले ही वे अपने खरेपन की वजह से दूसरों की नजर में बुरे हो जाए, लेकिन वे मन के काले नहीं होते। 

अगर कोई व्यक्ति सच बोलता है और हमेशा बिना किसी डर के सच के साथ रहता है, आपको उसके संपर्क में जरूर रहना चाहिए। 

आचार्य कहते हैं कि जो निस्वार्थ आपका भला करें और स्पष्ट रहे, वहीं परायों में अपना होता है। 

चाणक्य कहते हैं कि अगर किसी का व्यक्तित्व अच्छा है, तो उसके अंदर हमेशा त्याग का भाव जरूर होगा। 

किसी को परखने के लिए ये देखें कि वह चीजों को त्यागने की क्षमता अपने अंदर रखता है या नहीं। 

ऐसे व्यक्ति से संबंध बनाकर न रखें, जो आपके दुख में आपके साथ न खड़ा हो।  हमेशा उन्हीं के संपर्क में रहे, जो हर स्थिति में साथ दें और त्याग करने में पीछे न हटें। 

चाणक्य कहते हैं कि किसी को परखना हो कि वह स्वार्थी होने के साथ-साथ धोखेबाज नहीं है, इसके लिए सामने वाले को कुछ पैसे देकर देखें। अगर वह समय पर उन्हें लौटा दें, तो आपको उसके साथ संपर्क रखना चाहिए। 

 इसके अलावा स्वार्थी और लालची मनुष्य सदा आपसे पैसे लेने या खर्च करवाने की कोशिश करेगा। अगर आप हर बार ऐसा महसूस करते हैं, तो ऐसे व्यक्ति से दूरी बना लेना ही बेहतर होता है।