आपको भी दिखे पार्टनर में ये गुण तो तुरंत बना ले जीवनसाथी 

धर्म का पालन करने वाली हो - धर्म के प्रति कर्म से जुड़ी स्त्री सही गलत के अंतर को भली भांति जानती है. सही गलत का अंतर समझने वाली स्त्री परिवार के साथ-साथ समाज को भी सही राह दिखाने में मदद करती है।

धर्म में विश्वास रखने वाली स्त्री घर में सुख शांति भंग नहीं होने देती है। अपने बच्चों को भी धार्मिक गुण डालती है। जिससे कई पीढ़ियों का उद्धार होता है।  

क्रोध पर काबू पाने वाली हो - क्रोध पर काबू पाना न केवल स्त्री बल्कि पुरुष को भी आना चाहिए।

क्रोध हमारे अंदर बसा एक काला भाव है, जो पलभर में किसी भी रिश्ते को तोड़ देता है। इतिहास भी गवाह है कि क्रोध पर काबू न पाने की वजह से कई बड़े- बड़े साम्राज्य बर्बाद हो गए। 

लड़का -लड़की दोनों को अपने क्रोध पर काबू पाना आना चाहिए। ऐसा करने से जीवन सुख से व्यतीत हो सकता है। 

मर्यादा का ख्याल रखने वाली हो - शादी के बाद एक लकड़ी के लिए उनका पति ही सबकुछ होता है। फिर वो किसी पराए पुरुष के बारे में सोचती भी नहीं है। ऐसी पत्नी पतिव्रता कहलाती है।

ऐसी स्त्रियां कभी अपनी मर्यादा नहीं लांघती हैं। वे शादी के बाद अपने पति के साथ हर सुख-दुख में साथ खड़ी रहती है। 

चाणक्य कहते हैं कि जीवनसाथी के व्यवहार से उसके सच्चे और अच्छे होने का पता लगाया जा सकता है। 

संतोष करने वाली हो - शादी किसी के भी जीवन का सबसे अहम हिस्सा होता है। वहीं जिन स्त्रियों में लालच का भाव नहीं होता है वे दांपत्य जीवन को खुशहाल बना देती है।

वहीं चाणक्य कहते हैं कि जिन स्त्रियों में संतोष करने या उसमें रहने का व्यवहार बसा हुआ होता है, उन्हें अपना जीवनसाथी जरूर बना लेना चाहिए। 

 वे स्त्रियां आर्थिक और पारिवारिक स्थिति में संतुलन बनाए रखकर अपनी ख्वाहिशों को पूरा करती है।