धनवान व्यक्ति भी कुछ दिन में हो जाता है कंगाल

आचार्य चाणक्‍य कहते हैं कि हर व्‍यक्ति धन अर्जित करने के लिए जीतोड़ मेहनत करता है। इस दौरान उसे कई तरह के बुरे दिन भी देखने पड़ते हैं। 

लेकिन जब लोगों के पास पैसा आ जाता है तो वो अपने बुरे दिन भूल जाते हैं और उनके स्‍वभाव में बदलाव आने लगता है।

कुछ लोगों में पैसे का घमंड भी आ जाता है। पैसों का घमंड न सिर्फ मां लक्ष्मी को नाराज करता है बल्कि अच्छे रिश्तों में भी दरार ला देता है। ऐसा करने पर मेहनत से कमाया हुआ धन भी नष्ट हो जाता है।

आचार्य चाणक्य ने धनवान से कंगाल बनने का एक कारण बेफिजूल खर्च को भी बताया है।

आचार्य कहते हैं जो लोग इस तरह खर्च करते हैं वे धन का अपमान करते हैं। ऐसे लोगों के घर पर मां लक्ष्मी ज्‍यादा दिनों तक वास नहीं करती।

धन कमाया तो खर्च जरूर होगा, लेकिन उसे उतना ही किया जाना चाहिए, जितना जरूरी हो। 

आचार्य चाणक्‍य कहते हैं कि लालच मनुष्‍य का सबसे बड़ा अवगुण है। यह आदत जिसको लग जाती है उसका सर्वनाश कर देती है।

जो लोग लालच के वश में आकर दूसरे की मेहनत की कमाई को अपना बनाने की कोशिश करते हैं, उनका लक्ष्‍मी जी सबकुछ छीन लेती हैं।

ऐसे लोगों के पास गलत तरीके से कमाया गया पैसा ज्‍यादा दिन तक नहीं टिकता है। ऐसे लोग लालच में पड़कर अपने परिवार को भी कई तरह के मुश्किल में डाल देते हैं।