ये काम करती हुई महिलाओं की तरफ न देखें गलती से भी

वैसे तो आजकल चाल-चलन बदलने के साथ ही महिलाएं भी पुरुषों के बराबर ही बैठकर खाना खाने लगी हैं। 

लेकिन आचार्य चाणक्य के ग्रंथ नीतिशास्त्र में इसके बारे में जो जिक्र किया गया है, वह आपको जरूर जानना चाहिए। 

आचार्य चाणक्य कहते हैं कि किसी भी पुरुष को भोजन करती महिला की तरफ कतई नहीं देखना चाहिए। 

यह शिष्टाचार के खिलाफ होता है और भोजन करती महिला भी असहज हो जाती है और ठीक से खा भी नहीं पाती है। 

अक्सर आपने देखा होगा कि अगर कोई महिला या लड़की अपने कपड़े ठीक कर रही होती है तो उसकी तरफ पुरुषों की नजरें जरूर जाती हैं। 

चाणक्य के नीति शास्त्र में इसे अपराध की तरह माना गया है. चाणक्य कहते हैं कि अपने कपड़े ठीक कर रही महिलाओं की तरफ पुरुषों को गलती से भी नहीं देखना चाहिए। 

साथ ही छींकती और जम्हाई लेती महिलाओं को भी पुरुषों को देखना नहीं चाहिए। यह पुरुषों की मर्यादा के खिलाफ होता है। 

कई बार महिलाएं जब श्रृंगार करती हैं तो पुरुष एकटक उन्हें देखने लगते हैं। पुरुषों को यह नहीं करना चाहिए। 

खासकर काजल लगाती महिलाओं को पुरुषों को नहीं देखना चाहिए।  इतना ही नहीं, खुद की या फिर बच्चे की तेल मालिश करती महिलाओं को पुरुषों का देखना उचित नहीं माना गया है।