भूलकर भी किसी को न बताएं ये 5 बातें

सिद्ध औषधि - आचार्य चाणक्य कहते हैं कुछ दवाएं किसी व्यक्ति को सिद्ध हो जाती हैं, इसलिए लोग उससे दूसरों का भला तो करते हैं, किन्तु उसके बारे में किसी को कुछ नहीं बताते। 

विश्वास किया जाता है कि ऐसी दवा के बारे में दूसरों को बताने पर उसका प्रभाव समाप्त हो जाता है। 

धर्म - अपने धर्म या कर्तव्य के बारे में भी लोगों को कुछ नहीं बताना चाहिए, केवल इसका पालन करते जाना चाहिए।

घर की कमियां - अपने घर की कमी को बाहर बताने से अपनी ही बदनामी होती है। कमियां तो सभी घरों में होती हैं। अतः इन्हें बताना मूर्खता ही है।

संभोग - आचार्य चाणक्य कहते हैं संभोग के विषय में किसी को कुछ बताना भी असभ्यता और अश्लीलता है। ये काम एकांत में गुप्त रूप से करने के हैं।

गलत भोजन - यदि भूल से भी कोई ऐसी चीज खा ली हो जिसकी धर्म या समाज इजाजत नहीं देता, तो इसे किसी को न बताएं।

सुनी हुई बुरी बात -  यदि किसी ने आपसे कोई बात कह दी या आपने कहीं कोई गलत बात सुन ली हो, तो इस बात को हजम कर जाना चाहिए, किसी को कुछ बताना नहीं चाहिए।